कुलदीप यादव की जीवनी, आय, फॅमिली, सफलता | Kuldeep Yadav Biography, Income

By | July 23, 2017

कुलदीप यादव की जीवनी-Kuldeep Yadav Lifestyle

अक्सर वो ही लोग अपने सपने को पूरा कर पाते है, जो खुली आँखों से सपने देखते हैं| किसी भी महान लक्ष्य को धैर्य और दृढ़ता के बिना हासिल नहीं किया जा सकता है। आज हम ऐसे ही शख्स के बारे मे बात करने जा रहे हैं जो नयी कामयाबी की उचाईयों को छू रहा है| हम बात कर रहे हैं हाल ही मे इंडियन वन दे क्रिकेट टीम का हिस्सा बन ने वाले कुलदीप यादव की| कुलदीप यादव का जन्म 14 दिसंबर 1994 को उन्नाओ डिस्ट्रिक्ट के छोटे से गाँव मे हुआ जो कानपुर के नज़दीक है ओर उत्तर प्रदेश मे है| कुलदीप के पिता जी का नाम राम सिंग यादव है जो एक ईंटों का भत्ता चलते हैं| कुलदीप के पिता को भी थोड़ा क्रिकेट का शॉंक था मगर वह इसमे नाम नही क्मा पाए इसी लिए उनकी इच्छा थी के उनका बेटा क्रिकेट मे नाम कमाए| पिता की इच्छा ओर क्रिकेट के उभरते खिलाड़ी कुलदीप की प्रतिभा का ही नतीजा है के आज वो रणजी मे नाम कमाने के बाद टीम इंडिया का भी हिस्सा बन गये हैं|

कुलदीप की मा का नाम सुमन है| जो क एक हाउस वाइफ हैं, कभी कुलदीप की पढ़ाई ओर उनके भविश्ये के लिए चिंतित रही उनकी मा अब चाहती है के उनका बेटा कानपुर ही नही पुर भारत का नाम उँचा करे कुलदीप की 3 बड़ी बहने भी हैं जिन्हे कुलदीप से काफ़ी उम्मीदें हैं| इसी तरह पूरा परिवार केलदीप को पूरी सपोर्ट करता है|

परिवार के दुलारे कुलदीप ग्राउंड पर भी सबके चहीते हैं| विनम्र सवभाव ओर अपने से छोटें की मदद करने की आदत की वजह से वो सबमे पॉपुलर हैं|कुलदीप यादव के उपर क्रिकेट का जुनून किस कदर हावी था इसके बारे में कुलदीप की बड़ी बेहन मधु यादव ने एक इंटरव्यू के दोरान बताया| इन्होने बताया के जब कुलदीप की कुलदीप अंडर 15 ट्राइयल्स मे नही हुई तो आकर काफ़ी निराश हुए ओर रोने लगे ओर उन्होने यहाँ तक कह डाला के अगर वहे क्रिकेट मे कुछ ना कर पाए तो वहे आत्महत्या कर लेंगे| लेकिन अब कुलदीप के सपने साकार होते नज़र आ रहे हैं|

अंडर 15 ओर अंडर 19 तक सभी ट्रोफीस मे खेल चुके कुलदीप यादव भारत के अकेले चाइनामैन बोलर हैं|
क्या मतलब है चाइनामैन बोलर का? एक लेफ्ट आर्म स्पिन्नर जब अपनी उंगलियों की बजाए कलाई से गेंद को घूमता है तो उसे चाइनामैन बोलर कहा जाता है| जो आम स्पिन्नर्स अपनी उंगलियों के सहारे गेंद को घूमातें हैं उस से कहीं ज़्यादा चिनमन अपनी कलाईयों से स्पिन करते हैं| सीधे टॉर पे कहें तो बॅट्स्मन को चकमा देने मे चिनमन आम स्पिन्नर से ज़्यादा माहिर होते हैं| इस त्रेहे कुलदीप यादव के पास ग्ग्ली, टॉप स्पिन ओर फ्लिपर जेसी वेरीयेशन्स हैं|

कुलदीप यादव का क्रिकेट करियर:
क्रिकेट की अची ट्रैनिंग के लिए कुलदीप जल्द ही कानपुर मे शिफ्ट हो गये| फिर वे कानपुर में कोच कपिल पांडे की निगरानी में क्रिकेट सीखने लगे। कुलदीप ने क्रिकेट अकादमी को जॉइन फास्ट बॉलर बनने के लिए किया था। पर कोच कपिल पांडे ने उन्हें स्पिन के लिए बेहतर पाया।

कुलदीप यादव का नॅशनल डेब्यू(National Debut)
जिसके कारण उन्हें जल्द ही फ़र्स्ट क्लास में डेब्यु करने का मौका मिला।

कुलदीप यादव का इंटरनॅशनल डेब्यू (International Debut)
इसके बाद कुल्डदेप की पर्फॉर्मेन्स ओर निखरती गयी जिसके कारण उन्हे 2012 के अंडर 19 वर्ल्ड कप की टीम मे चुन लिया गया| उन्होने स्कॉटलॅंड के खिलाफ भारत की अंडर 19 टीम की तरफ से पहली हाटत्रिक्क ले कर अपने आप को साबित किया. उन्होने इस टूर्नमेंट में टोटल 14 विकेट लिए|

IPL Debut
इसका बड़ा इनाम उन्हें जल्द मिला, जब 2012 में आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस में उन्हें जगह दी गई, जहां वे प्रैक्टिस के दौरान अक्सर सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेवाज़ को भी अपनी बॉलिंग स्किल से बीट करते देखे गए, जिसके लिए सचिन उनकी प्रशंशा भी करते है।पर ये बदकिशमती ही थी, कि प्रैक्टिस मैचों में इतने उम्दा पर्फ़ोमेंस के बावजूद उन्हें एक बार भी डेब्यु करने का मौका नहीं मिला।

पर उनकी ख्वाहिस 2012 में पूरी हुई जब आईपीएल टीम कोलकाता नाईट राइडर्स ने $66000 में उन्हें खरीद लिया।आईपीएल में वे अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे, जिसके कारण चैम्पियन लिग्स में सुनील नारायण के सहायक बॉलर के तौर पर टीम में रखा गया, जहां उन्हे जब-जब मौके मिले, वहाँ अपनी बेहतरीन चाइनामेन बॉलिंग स्टाइल से सबको इम्प्रेस करने में सफल रहे।इसी पर्फ़ोमेंस को ध्यान में रखते हुए सेलेक्टर्स ने उन्हें 2014 में वेस्ट इंडीज के टूर जाने वाली इंडियन क्रिकेट टीम में जगह दे दी। पर किस्मत उनके साथ नहीं था, इसलिए खेलने के लिए एक भी मौका नहीं मिला।
पर कहते हैं ना, भाग्य से ज्यादा, समय से पहले कुछ नहीं मिलता है। इस कारण कड़ी मेहनत करने के बाद भी कुछ अच्छा फल नहीं मिला रहा था।
लेकिन 2017 में भाग्य उनके साथ है|

कुलदीप यादव का टेस्ट डेब्यू
पहले 25 मार्च 2017 को उनका टेस्ट मॅच डेब्यू ऑस्ट्रेलिया के अगेन्स्ट धरामशाला में हुआ. जिसमे उन्होने 68 ऋण देकर 4 आहें विकेट्स लिए.

कुलदीप यादव का वन दे डेब्यू
उन्हे 2017 मे ही वी डोरे के लिए सेलेक्ट किया गया ओर उन्होने अपना पहला वन दे मॅच 23 जून 2017 को वी के खिलाफ खेला.

कुलदीप यादव की आय ओर इनकम
की बात करें तो आप को बता दें के 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने कुलदीप यादव को $66000 मे खरीदा था. इंडियन करेन्सी में बात करें तो लगभग 45 लाख रुपये.
इंडियन क्रिकेट टीम में उनकी बेसिक पे 25 लाख है.
इसके इलावा पेर टेस्ट मॅच खेलने के उन्हे 1,50,000 मिलते है ओर पेर ऑडी खेलने के उन्हे 1,00,000 मिलते है. इन सब के इलावा उन्हे ओर भी काई बोनस मिलते हैं जेसे के
ओदी मॅच मैं या 1 टेस्ट इन्निंग मे 5 विकेट लेने पर – र्स 500,000
1 टेस्ट मॅच मे 10 विकेट हॉल लेने पर – र्स 700,000
1 टेस्ट या ऑडी हंड्रेड ब्नाने पर – र्स 500,000
1 टेस्ट या वन दे में डबल सेंचुरी ब्नाने पर – र्स 700,000
इक टॉप थ्री रॅंकिंग टीम से टेस्ट मॅच जीतने पर मॅच फीस से 50% ज़यादा
इक टॉप थ्री रॅंकिंग टीम से टेस्ट सीरीस जीतने पर मॅच फीस से 100% ज़यादा
इक वर्ल्ड कप जीतने पर मॅच फीस से 300% ज़्यादा मिलता है.

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