हार्दिक पांड्या की जीवनी | Hardik Pandya Biography and Success Story in Hindi

By | September 25, 2017

हार्दिक पांड्या की जीवनी

Hardik Pandya Biography, Family, Success Story

एक सफल व्यक्ति वह है जो औरो द्वारा अपने ऊपर फेंके गए ईंटों से एक मजबूत नीव बना सके और आज हम ऐसे ही एक व्यक्तित्व के बारे में बात करेंगे जिसने सफलता पाने से पहले काफी संघर्ष किया और कहते हैं न के संघर्ष ही सफलता की बुनियाद है|

दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य हार्दिक पांड्या के बारे में|  वो हार्दिक पांड्या जिसकी काबिलियत को रिक्की पोंटिंग और सचिन तेंदुलकर जैसे महान खिलाडियों ने पहचाना और अब जो भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए सितारे हैं|

हार्दिक पण्ड्या का जन्म 11 अक्टूबर 1993 को चौरसिया, सूरत, गुजरात में हुआ था। उनके पिता जी का नाम हिमांशु पांड्या और माता जी का नाम नलिनी पांड्या है| उनके पिता हिमांशु क्रिकेट खेल के  प्रेमी थे। इसलिए हार्दिक की भी क्रिकेट के प्रति रूचि बढ़ती गयी| हार्दिक के पिता अक्सर हार्दिक को मैच दिखाने के लिए स्टेडियम ले जाया करते थे|

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हार्दिक की शिक्षा के ऊपर नज़र डालें तो उनकी पढाई में रुचि कम ही थी| हार्दिक पण्ड्या नौवीं कक्षा में नाकाम रहे और अपने क्रिकेट के सपनो को साकार करने के लिए पढ़ाई छोड़ दी|

हार्दिक पांड्या का संघर्ष: Hardil Pandya Struggle

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हार्दिक के बड़े भाई का नाम क्रुणाल पांड्या है जो खुद भी एक क्रिकेटर हैं| सूरत में हार्दिक के पिता का कार फाइनेंस का अच्छा खासा बिज़नेस था पर जब क्रुणाल ६ साल का था तो किसी ने उनके क्रिकेटिंग स्किल्स को देखते हुए क्रिकेट की अच्छी कोचिंग  दिलवाने को कहा| वो जानते थे के सूरत में रहकर वह अपने बच्चों को क्रिकेट की अच्छी कोचिंग नहीं दिला पाएंगे और वो सूरत से बड़ोदरा शिफ्ट हो गए| वहां हार्दिक और क्रुणाल किरण मोरे से क्रिकेट ट्रेनिंग लेने लगे|

वड़ोदरा जाने के बाद, उसका कार-फाइनेंस व्यवसाय नए शहर में उतना नहीं चला और वहाँ पूरे परिवार को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ी| हार्दिक के पिता के संघर्ष को देखते हुए किरण मोरे ने कोई शुल्क लेने से इनकार कर दिया। वेहे मधुमेय के रोगी थे और 2 साल में उन्हें 3 बार दिल का दौरा पड़ा| ऐसे में काम छोड़ने के इलावा उनके पास कोई दूसरा चारा नहीं था| इस तरह उनके परिवार के लिए आमदनी का एकमात्र साधन भी जाता रहा|

वह पूरा दिन ग्राउंड पर प्रैक्टिस किया करते थे और 5 रपये की Maggi खा कर गुज़ारा किया करते थे| क्यूंकि उस वक़्त आर्थिक तंगी के कारण भोजन के पैसे बचा कर क्रिकेट किट के लिए इकठे करते थे | सईद मुश्ताक अली ट्राफी के दौरान 2104 में, हार्डिक के पास bat नहीं थे। उस समय हार्दिक को इरफ़ान पठान ने 2 bat गिफ्ट किये|  उन्होंने 57 गेंदों पर मुंबई के खिलाफ पश्चिम ज़ोन मैच में मुंबई के खिलाफ 82 रन बनाये थे, उसके बाद मुंबई इंडियंस के कोच जॉन राइट की नज़र हार्दिक पे पड़ी और उन्हें 10 लाख रुपये के आधार मूल्य पर आईपीएल के लिए मुंबई इंडियंस ने ख़रीदा। वहां से उनकी जिंदगी में नाटकीय रूप से बदलाव आया और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा| हार्दिक पण्ड्या ने अच्छे खेल का प्रदर्शन करते हुए चयनकर्ताओं को निराश नहीं किया | सबसे पहले, उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 8 बॉल पर 21 रन बनाये | फिर कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस को बचाया। उन्होंने एक 31 गेंदों की पारी में 61 रन बनाए। उनकी शानदार प्रदर्शन ने उन्हें आईपीएल में दो ‘मैन ऑफ द मैच’ पुरस्कार जीता।

मुंबई इंडियंस स्टार बनने से पहले, पांड्या ने घरेलू स्तर पर बड़ौदा के लिए खेले। वह 28 नवंबर 2013 को बड़ौदा रणजी टीम में शामिल हो गए थे।

इसके बाद हार्दिक ने अपना T20 डेब्यू 26 January 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया| हार्दिक ने अपना पहला ODI डेब्यू न्यूजीलैंड के खिलाफ 2016 में किया और 26 July 2017 को श्री लंका के खिलाफ उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया|

Intresting Facts:

  • हार्दिक लेग स्पिन गेंदबाज़ी करते थे| लेकिन एक दिन, किरण मोरे की अकादमी में, एक मैच के लिए तेज गेंदबाजों की कमी थी और मोरे ने उन्हें जिम्मेदारी लेने के लिए कहा। पांड्या ने तेज गेंदबाजी की शानदार प्रदर्शन के साथ एक और सबको चौंका दिया। उस मैच में उन्होंने 7 विकेट लिए थे।
  • हार्दिक bats collect करने के शौक़ीन हैं| केवल एक मैच के लिए वह अब 7 से 8 bats लेकर चलते हैं ताकि उनकी किट भारी लगे|
  • आईपीएल के दौरान सचिन तेंदुलकर ने उन्हें कहा था के अगले 1 से डेढ़ साल के अंदर वह इंडियन क्रिकेट टीम के लिए खेलेंगे और ऐसा ही हुआ|
  • आईपीएल मैं सिलेक्शन से पहले हार्दिक को एक मैच खेलने के केवल 400 मिलते थे और उनके भाई क्रुणाल को 5०० Rs. मिलते थे|

हार्दिक पण्ड्या अपने आक्रामकता और आत्मविश्वास के लिए जाने जाते हैं, चाहे उनकी बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी में हो। उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया के भविष्य के आलराउंडर के रूप में माना जाता है| जिस तरह हार्दिक इस मुकाम तक पहुंचे हैं वो बहुत ही प्रशंसनीय और कबीले तारीफ है|

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